सरपंच एसो. ने की धान रोपाई पर लिए फैसले को बदलने की मांग

सरपंच एसोसिएशन की बैठक सोमवार को बीडीपीओ कार्यालय के प्रांगण में एसोसिएशन के प्रधान जितेंद्र साधा की अध्यक्षता में हुई। सरपंच एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से मांग की गई कि धान पर लगाई गई पाबंदी के फैसले को सरकार तुरंत प्रभाव से वापस ले। एसोसिएशन ने कहा कि वे मुश्किल की इस घड़ी में किसानों व ग्रामीणों के साथ है। बैठक के बाद विधायक लक्ष्मण नापा के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा गया।
प्रधान जितेंद्र साधा, सरपंच जगराज बबनुपर, हवां सिंह फूलां, गुरदीप पालसर, विजय शहनाल, गुरदीप घासवा, गुरप्रीत नथवान, सुदेश पपला रत्ताखेड़ा, राजेंद्र खाई, सुरजीत कलोठा, रंगा सिंह महमड़ा, सुरेंद्र लांबा हासंगा, सुभाष कुनाल, सरपंच प्रतिनिधि गुरमीत कमाना, लखविंद्र बबनपुर, राजकुमार चिम्मों, सुनील लाली, ईश्वर गुज्जर सुखमनपुर ने कहा कि सरकार के आदेश पर वे पंचायती जमीनों की बोली पिछले साल से 5 प्रतिशत बढ़ोतरी पर करवा कर ठेके पर दे चुके है जिसकी बोली राशि भी जमा हो चुकी है। उन्होंनें कहा कि रतिया की जमीन बाढ़ ग्रस्त जमीन है। ऐसे में दूसरी फसल नहीं हो सकती। अब नरमा व अन्य फसलें भी नहीं लग सकती। बरसात के कारण नरमा की फसल तीन-तीन बार कुरंड हो चुकी है। एसोसिएशन की सरकार इस फैसले पर फिर से विचार कर लोगों को राहत दे। कोरोना के कारण आमजन पहले ही परेशान है अब सरकार के अचानक फैसले ने दुविधा में डाल दिया है।
धान की फसल पर पाबंदी को लेकर गांव चिम्मों, रायपुर व कंवगढ़ में भी किसानों ने रोष प्रदर्शन किया। कहा के वे सरकार के इस फैसले के विरोध में अधिकारियों को घेराव कर काले झंडे दिखाएंगे।
वहीं पूर्व विधायक जरनैल सिंह ने भी बैठक कर सरकार के इस फैसले की निंदा की। जरनैल सिंह ने कहा कि सरकार को अपना फैसला वापस लेना चाहिए। एक तरफ तो किसानों की गेहूं की फसल नहीं बिक रही दूसरी तरफ धान की रुपाई पर रोक लगाई गई।



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