सोनीपत में टिडि्डयों पर छिड़काव कि लिए मंगाए गए कीटनाशक में मारने वाले तत्व ही नहीं, दवा लैब में फेल

टिड्‌डी दल का हमला रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर मंगवाई गई दवा मानकों पर खरी नहीं मिली है। सोनीपत व पानीपत में हुई सैंपलों की जांच में सामने आया कि कीटनाशक में क्लोरपायरीफास 20% ईसी की जगह 0.00% ईसी पाया गया, जोकि 20 प्रतिशत होनी ही चाहिए। साेनीपत में 750 लीटर दवा मंगवाई गई।

गुण नियंत्रक की शिकायत पर खरखौदा थाने में हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम पंचकूला, निर्माता कंपनी कृषि विकास सहकारी समिति लि. जयपुर, गुण नियंत्रण से संबंधित जिम्मेदार व स्टॉकिस्ट हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम सोनीपत व जिम्मेदारों पर धोखाधड़ी व प्राकृतिक आपदा प्रबंधन की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। एफआईआर में कहा गया है कि संबंधित कंपनी व आपूर्तिकर्ता ने निजी स्वार्थों को ध्यान में रखते हुए निम्न स्तर की दवा भिजवाई। इसकी जरूरत पड़ती तो यह कारगार नहीं होती।

पलवल में जांच के बाद सोनीपत और पानीपत में लिए गए सैंपल
कृषि उप निदेशक पलवल ने 29 जून को कीटनाशक का नमूना लेकर केंद्रीय कीटनाशक प्रयोगशाला फरीदाबाद में जांच के लिए भेजा। इसमें पाया कि क्लोरपायरीफास 20% ईसी के बजाय 9.45% ईसी ही है, जो मानकों पर खरा नहीं है। वहां दवा छिड़काव के बाद बहुत कम टिडि्डयां मरी थीं। इसके बाद सभी जिलो में रखे हुए स्टॉक की जांच के आदेश दिए गए थे।



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फाइल फोटो


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